Mar 17, 2020

कोरोना वायरस क्‍या है हिन्‍दी में जाने सम्‍पूर्ण जानकारी

What is the corona virus?

कोरोना वायरस क्‍या है ?

What is the corona virus
NOVEL CORONA VIRUS

कोरोना वायरस
, वायरसो का एक बहुत बड़ा ग्रुप होता हैं। ये वायरस जानवरों में पाये जाते हैं। वैज्ञानिक इस वायरस को zoonotic कहते है। जिसका मतलब यह हैं की ये वायरस जानवरों से इसांनो में संचारित होता है। जो इंसानों में सामान्‍य जुखाम से लेकर के श्‍वसन तंत्र की गंभीर समस्‍या तक पैदा कर सकता है। 
कोरोना का नाम लेटिन शब्‍द कोरोना से लिया गया है जिसका मतलब होता हैं क्राउन यानी की सर का ताज इस वायरस का नाम इसके दिखने वाले रूप के ऊपर रखा गया है। ये दिखने में एक ताज की तरहा दिखता है जैसे की किसी राजा का ताज हो। कोरोना वायरस का लक्षण निमोनिया की तरहा ही हैं। जिसमें सर्दी, जुखाम और बुखार होता है। वैज्ञानिको के मुताबिक कोरोना वायरस एक वायरस नहीं है बल्कि ये एक वायरस(विषाणु) प्रकार का एक बहुत बड़ा समूह हैं। जिसमें ज्‍यादातर viruses इतनें खतरनाक नहीं होते लेकिन कोरोना के कुछ viruses ऐसे भी हैं जोकि गंभीर बीमारी पैदा कर सकते है। 
ऐसे दो तरहा के वायरस है 'middle east respiratory syndrome' जिसे MERS  कहा जाता है। और दूसरा हैं 'severe acute respiratory syndrome' जिसे SARS कहा जाता है। MERS वायरस पहली दफा सउदी अरब में 2012 में सामने आया था। उसके बाद ये धीरे-धीरे दूसरे देशो जैसों अफ्रीका, एशिया और यूरोप में फैल गया था। जबकि SARS वायरस पहली दफाह 2003 में सामने आया था। जिसकी वजह से पूरी दुनिया में लगभग 700 से ज्‍यादा लोगों की मौते हुई थी पूरी दुनिया में हजारों लोग इस वायरस से संक्रमित हुए थें। 
2015 के बाद से कोरोना वायरस के किसी भी प्रकार के वायरस का सामना किसी भी देश को नहीं करना पड़ा था। लेकिन दिसम्‍बर 2019 में फिर से   'WHO' डब्‍लूयएचओ (विश्‍व स्‍वास्‍थ संगठन) ने एक नए प्रकार के कोरोना वायरस की पहचान की जिसका नाम हैं नोबेल कोरोनावायरस है। ये वायरस भी   SARS की तरहा ही खतरनाक होते है जोकि गंभीर बीमारिया उत्‍पन्‍न करने के साथ-साथ प्राणी की जान भी ले सकता हैं।

How did the corona virus start?

कोरोनो वायरस की शुरुआत कैसे हुई?

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन WHO के मुताबिक यह वायरस seafood 'सीफूड'  से जुड़ा हुआ हैं। और इस वायरस की सुरूआत भी चायना chain  के हुबेेेेई hubei प्रांत के वुहान wuhan शहर के एक seafood सीफूड बाजार से ही मानी जा रही हैं। वैसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस वायरस का शिकार इंसान ही नहीं बल्कि इसका शिकार ऊँट, बिल्‍ली और सुअर समित कई सारे पशु भी हो रहें हैं। यह वायरस एक व्‍यक्ति या पशुआ से दूसरे व्‍यक्ति में सक्रंमण के जरिये फैलता हैं। 
समुद्री जीव जंतुओ के जरिये ये वायरस चीन के लोगो में फैला हालाकि कुछ स्‍टडी में इस वायरस का स्रोत चमगादड़ एवं सॉंपो को भी बताया गया। चमगादड़ एक ऐसा जीव है जिसमे SARS और MERS सिण्‍ड्रोम दोनो तरहा का कोरोना वायरस होता है। तो इससे आप अंदाजा लगा ही सकते है ‍कि ये वायरस जानवरों से इंसानों में प्रवेश कर रहे हैं। कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में इसका डर बैठ गया हैं। इस वायरस को 'वुहान वायरस' या फिर COVID-19 भी कहा जा रहा हैं क्‍योंकि इस वायरस की सुरूआत चीन के वुहान शहर में से हुई हैं। चीन के वुहान शहर से फैला यहा वायरस अब दूसरे देशों में भी दाखिल हो चुका हैं। वुहान के बाद ये वायरस शंगहाई, मकाऊ और हांगकांग पहुँचा और लोग इस वायरस से संक्रमित होने लगे। चायना के बाद ये वायरस थाईलेण्‍ड, जापान, आस्‍ट्रैलिया, अमेरिका, ताईवान, सिंगापुर, मलेशिया, फ्रांस, वियेतनाम और भारत तक भी पहुँच चुका हैं। दुनिया भर में यह वायरस चीन से आने वाले यात्रियों के जरिये ही पहुंचा हैं। 

How many people have died from corona virus?

कोरोना वायरस से कितने लोग मारे गए हैं?

WHO की दिनॉंक 15/03/2020 की situation report - 55 के मुताबिक चायना के वुहान में फैले कोरोना वायरस की वजह से अब तक अकेेले चायना में ही 81,048 लोगो को इस संक्रमण से संक्रिमित पाया गया है। और जिनमें से 3,204 लोगो की अब तक इस संक्रमण से मौत हो चुकी है।और चीन समित पूरी दुनिया में इस रोग से पीडि़त कुल मरीजों की संख्‍या 1,53,517 लोगो को संक्रमित पाया गया है जबकि इनमें से 5,735 लोगो की मौत भी इस वायरस के संक्रमण से हो चुकी हैं। और लगभग 143 देशो में इस वायरस के फैल जाने की आशंका लगायी गयी है। 

How to get tested for corona virus?

कोरोना वायरस के लिए परीक्षण कैसे करें ?

कोरोना वायरस कि वजह से श्‍वसन तंत्र में हल्‍का इन्‍फेकसन हो जाता है। जैसा की आम तौर पर सामान्‍य सर्दी-जुखाम में देखने को मिलता है। इसके अलावा वायरस के मरीजों में 

1. खासी और कफ 
2. गले में दर्द
3. सॉस लेने में दिक्‍कत
4. नाक का लगातार वहना
5. सर मे दर्द
6. तेज बुखार

जैसे सुरूआती लक्षण देखे जाते हैं। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया में बदल जाते हैं। और किडनी को नुकसान पहुँचाते हैं। इसमे फैफड़े मे गंभीर किस्‍म का संक्रमण भी हो जाता है। वैसे जिन लोगो का इम्‍यून सिस्‍टम immune system कमजोर रहता हैं। जैसे बड़े बुजुर्गो और छोटे बच्‍चो में, उनमें वायरस अटैक होने के चान्‍स ज्‍यादा होते है। और वायरस अटैक होने के बाद उनके शरीर को गंभीर बीमारिया अपनी चपेट में ले लेती है। तो लक्षण जानने के बाद में ये जानना बहुत जरूरी है कि आखिर कोरोना वायरस से कैसे बचा जाए। तो चलिए जानते हैं कि कोरोना वायरस से कैसे बचा जाये।

How to prevent corona virus?

कोरोना वायरस को कैसे रोकें?

तो कोरोना वायरस में किसी भी तरहा की एण्‍टी वायोटिक दवाई काम नहीं करती है। फ्लू में दी जाने वाली वायोटिक्‍स भी इस वायरस को कम करने में काम नहीं करती हैं। अभी तक  इस वायरस से निजाद पाने के लिए कोई भी वैकसीन नही बनायी गयी हैं। इस वायरस से निजाद पाने के लिए वैकसीन बनाने का काम वैज्ञानिक कर रहें है। WHO डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक इस वायरस से बचने का कोई भी विशेष तरीका अभी तक नहीं खोजा गया हैं। लेकिन कुछ सावधानी बरत कर इस वायरस की चपेट में आने से बच सकते है और यही इस वायरस का सबसे बेहतर उपाय हैं। तो चलिए उन सावधानियों के बारे में जानते हैं। 


1. सबसे पहली बात यह है कि seafood को खाने से, दूर ही रहने की कोशिश करे क्‍योकि ये वायरस समुद्री जीवों के जरीये ही इंसानो तक पहुँचा है। तो हो सकता है वायरस से सक्रंमित समुद्री जीव चीन से दूसरे देशो में भी प्रवेश कर चुकें हो इसलिए कुछ दिनों तक मछली या दूसरे समुदाय के समुद्री जीवो को खाने से बचे ।

2. दूसरी सावधानी यह है कि कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है साफ सफाई इसलिए खाने से पहले अपने हाथ अच्‍छी तरहा धो ले और अपने आप को जितना हो सके साफ रखे।3. तीसरा तरीका यह है की खासने के दौरान अपने मुँह और नाक को किसी कपड़े से अच्‍छी तरहा ढ़के।
4. चौथी बात सर्दी और फ्लू के लक्षण होने पर डॉक्‍टर से तुरंत सम्‍पर्क करे। 
5. अण्‍डे और मॉस को अच्‍छी तरहा से पका कर ही खाये। कोशिश करे की किसी भी जानवर के आप सीधे सम्‍पर्क में ना आये।
6. बाहर से घर में आते ही अपने हाथों को अच्‍छी तरहा साबुन, सेनेटाईजर तथा पानी से धोये। तथा अपनी ऑखों ओर नाक को बार-बार अपने हाथों कि अगूँलीयों से ना छुए। 
7. जिन्‍हें सर्दी या फ्लू, जैसे लक्षण हो उनके सम्‍पर्क में आने से बचे। ओर बीमार लोगों से दूरी बनाये और उनके बर्तनों में खाना खाने से बचे और बीमार व्‍यक्तियों को बार बार न छुये। इससे मरीज ओर आप दोनों ही सुरक्षित रहेंगे। 
8. जिन देशों या जगहो पर इस वायरस का प्रकोप फैला हुआ हैं। उन जगहो पर यात्रा करने एवं जाने से बचे चाहें कितना भी जरूरी काम ही क्‍यो ना हो। 
9. घर के आस पास यात्रा करते समय मास्‍क जरुर पहने हैं। 


और अगर किसी व्‍यक्ति पर इस वायरस का असर आ चुका है तो बीमार मरीज को सही चिकित्‍सा देने की आवश्‍यकता हैं। इसके अलावा इसका इलाज सामान्‍य सर्दी की बीमारी की तरहा ही होता है जिसमें मरीज को आराम करने की सलाह दी जाती हैं। तथा तरल पदार्थो का सेवन करने की सलाह दी जाती हैं। और बुखार एवं सर्दी की दवा भी दी जाती हैं और इस तरहा वायरस को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता हैं। 

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