Sep 16, 2018

fundamental rights of indian constitution

मौलिक अधिकार

Fundamental Rights


लोकतंत्र में मौलिक अधिकार बे अधिकार है। जो किसी व्यक्ति के जीवन स्वतंत्रता एवं अभिवृद्धि के लिए अनिवार्य है। तथा जिन्हें राज्य के विरुद्ध न्यायपालिका का संरक्षण होता है। संविधान के भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 तक मौलिक अधिकारों का विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है। इन्हें मूल अधिकार कहते हैं क्योंकि यह व्यक्ति के भौतिक, बौद्धिक, नैतिक एवं मानवीय विकास के लिए आवश्यक है।

मौलिक अधिकारों का वर्गीकरण

Classification of fundamental rights

मूल भारतीय संविधान में 7 मौलिक अधिकार प्रदान किए गए थे। 44 वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में समाप्त कर दिया गया तथा इसे संविधान के अनुच्छेद 360(a) में प्रतिस्थापित किया गया। इस प्रकार वर्तमान में भारतीय नागरिकों को 6 मौलिक अधिकार प्राप्त है।

  1. समता का अधिकार (अनुच्छेद 14 से 18) 
  2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 से 22) 
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 से 24) 
  4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 से 28) 
  5. संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29 से 30) 
  6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32

समता का अधिकार (अनुच्छेद 14 से 18)Right to Equality (Article 14 to 18)


अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता एवं विधियों का समान संरक्षण।
अनुच्छेद 15 भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 16 लोक नियोजन में अवसर की समानता।
अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत।
अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत।

स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 से 22)Right to Freedom (Article 19 to 22)


अनुच्छेद 19 भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोस्त सिद्धि के विषय में संरक्षण।
अनुच्छेद 21 प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार का संरक्षण।
अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी एवं नजरबंदी की अवस्था में संरक्षण।

शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 से 24)Rights Against Exploitation (Article 23 to 24)

 


अनुच्छेद 23 इसके अंतर्गत मनुष्य से बेगार लेना तथा मानव व्यापार गैरकानूनी माना गया है।
अनुच्छेद 24 इसके अनुसार 14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को किसी जोखिम वाले कार्य पर नियुक्त नहीं किया जा सकता।

धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 से 28)Right to Religious Freedom (Article 25 to 28)

 

अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 26 धार्मिक मामलों का प्रबंध करने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 27 धर्म की अभिवृद्धि के लिए कर ना देने की स्वतंत्रता। 
अनुच्छेद 28 राजकीय शिक्षण संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा का निषेध।

संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29 से 30)Right to Culture and Education (Article 29 to 30)


अनुच्छेद 29 भाषा लिपि एवं संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार।
अनुच्छेद 30 शिक्षण संस्थान कायम करने का अधिकार।

संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)Right to Constitutional Remedies (Article 32)

अनुच्छेद 32 इसके अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार प्राप्त है कि वह अपने मौलिक अधिकार के उल्लंघन की स्थिति में सीधे उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय जा सकता है।

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